होली का त्योहार आया ।
सब के मन में बहार लाया ॥
रंग से रंग मिले ।
भंग से भंग मिले ॥
दिल से दिल मिले ।
दिलवाले से दिलवाले मिले ॥
लेकिन हमारे दिल किन से मिले ।
जो हमारी दिलवाली न मिले ॥
होली का त्योहार आया ।
सब के मन में बहार लाया ॥
रंग से रंग मिले ।
भंग से भंग मिले ॥
दिल से दिल मिले ।
दिलवाले से दिलवाले मिले ॥
लेकिन हमारे दिल किन से मिले ।
जो हमारी दिलवाली न मिले ॥
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खैर, मिलना मिलाना चलता रहेगा.
अभी तो होली की बहुत मुबारकबाद!
Comment by समीर लाल — March 3, 2007 @ 12:37 am |
होली की शुभकामनाओं के मिलेगी वह और जरुर मिलेगी…
रंग बस तैयार रखें वो पास ही कहीं ख़ड़ी होगी आपके…
Comment by Divyabh — March 3, 2007 @ 1:42 am |
होली की शुभकामनाएँ !
धीरे धीरे रे मना धीरे सब कुछ होए!आज जिस अधीरता से उनके मिलने की लिख रहे हो,कुछ वर्षों बात उसी अधीरता से उनके मायके जाने की बाट जोहने के व्यंग्य लिखोगे ।
घुघूती बासूती
Comment by ghughutibasuti — March 3, 2007 @ 2:09 am |
ओ डोंट वरी जी, आप बिंदास होके होली मनाओ वो भी जरुर मिलेगी।
होली की शुभकामनाएं।
Comment by श्रीश शर्मा 'ई-पंडित' — March 3, 2007 @ 7:24 am |
आपको भी होली की शुभकामनाऐ
Comment by PRAMENDRA PRATAP SINGH — March 3, 2007 @ 7:33 am |
आपको और आपके परिवार को होली की हार्दिक शुभकामनायें ।
Comment by नीरज रोहिल्ला — March 3, 2007 @ 9:40 am |
आप को एंव आपके समस्त परिवार को होली की शुभकामना..
आपका आने वाला हर दिन रंगमय, स्वास्थयमय व आन्नदमय हो
होली मुबारक
Comment by Mohinder Kumar — March 3, 2007 @ 11:25 am |
सबको हाली मुबारक हो।
मैने भी एक गहरी कोशीश की है।
Holi ke rang- होली के रंग
Comment by ikshayar — March 3, 2007 @ 2:29 pm |
Dadu you have beautifully expressed your feelings.
I am really glad to read this.
Happy Holi Dadu.
Comment by anamika — March 3, 2007 @ 7:08 pm |
होली मंगलमय हो
Comment by PRAMENDRA PRATAP SINGH — March 5, 2007 @ 9:37 am |
A very happy holi to you. Nice poem as usual.
Comment by Siddhartha — March 5, 2007 @ 2:06 pm |