अभिजीत की कलम

March 2, 2007

होली का बहार

Filed under: त्योहार, शायरी — abhijitc @ 10:27 pm

होली का त्योहार आया ।
सब के मन में बहार लाया ॥

रंग से रंग मिले ।
भंग से भंग मिले ॥

दिल से दिल मिले ।
दिलवाले से दिलवाले मिले ॥

लेकिन हमारे दिल किन से मिले ।
जो हमारी दिलवाली न मिले ॥

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